Tuesday, 24 March 2009

शुभ कामना


सभी दोस्तों तथा हर आदमी से हमारा निवेदन :-

कभी भी किसी जीव का मन नहीं दुखाना चाहिए, किसी भी आदमी या वर्ग विशेष का उपहास नहीं करना चाहिए, किसी के रंग- रूप, चाल, ढाल तथा वरण को अपने मनोरंजन का साधन नहीं बनाना चाहिए । भगवान् हर प्राणी में विराजमान हैं, व्यक्ति विशेष का मजाक ईश्वर की सता का मजाक हैं, आज उस के साथ बुरा समय चला हैं कल हमारे साथ भी चल सकता हैं । मानो आप के साथ कोई इस तरह करे तो आप को केसा लगेगा । इसलिए जो आप को ख़ुद को अच्छा नही लगता , उसी तरह आप द्वारा किया गया आचरण भी किसी को पसंद नहीं आ सकता हैं। अत: सब के साथ वही ब्योवाहर करो जो आप को अपने लिए अच्छा लगता हैं। हर जीव उस परमपिता परमेश्वर की ही कृति हैं जिस ने आप को भी जन्म दिया हैं और जीने का स्स्मन हक़ दिया हैं । अगर आप वास्तव में ईश्वर से प्रेम करते हैं तो आप किसी भी जीव को नैन सता सकते, हाँ अगर आप अपने स्वार्थ के लिए या आनंद के लिए या किसी भी निमत इन्सान, धरती पर विचरण कर रहें जीवधारी का आपमानकरते हैं या उस के प्रति उग्र रहते हैं या निंदा कर उसे नुकसान पहुचने की कोशिश करते हैं तो आप भगवन की उपासना का, अच्छे नागरिक होने का केवल दिखावा कर रहे हैं, सुखी रहना चाहते हो तो ईश्वर की हर कृति से प्रेम करो जीवन अपने आप सुखमय हो जाएगा। यही हम दोनों की, दोस्तों तथा हर ईश्वर के बन्दे को शुभ कामना है के आपस में मिल कर रहे और जो संकट आज हमारे देश में, विश्व में फैला हुआ है उस से मुकाबला कर सके। विघटनकारी शक्तियों को परास्त करके वसुधेव कटूब्कम के भारत के सपने को साकार करके विश्व शान्ति बनने में अपनी -अपनी महतवपूर्ण भूमिका निभा सके। आओ अब मिलकर यही संकल्प करे ! आज विश्व को ईसी की जरुरत हैं । आप का, उनका, मेरा ही नही हर जीवधारी का जीवन सुखमय हो ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं।
अमृत कुमार शर्मा एवं सुनीता शर्मा







12 comments:

  1. ब्लोगिंग जगत में स्वागत है
    लगातार लिखते रहने के लि‌ए शुभकामना‌एं
    काफी अच्छे विचार हैं
    कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
    http://www.rachanabharti.blogspot.com
    कहानी,लघुकथा एंव लेखों के लि‌ए मेरे दूसरे ब्लोग् पर स्वागत है
    http://www.swapnil98.blogspot.com
    रेखा चित्र एंव आर्ट के लि‌ए देखें
    http://chitrasansar.blogspot.com

    ReplyDelete
  2. बहुत सुन्दर..स्वागत है...

    ReplyDelete
  3. आपका ब्लाग वाकई बहुत अच्छा है. इसे नियमित रूप से अद्यतन करते रहिये . हार्दिक बधाई .

    ReplyDelete
  4. wah ji wah ji....kya baat hai saare shabdo ko piroya hai apne sach me ..namshkaar

    ReplyDelete
  5. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  6. सुखी रहना चाहते हो तो ईश्वर की हर कृति से प्रेम करो जीवन अपने आप सुखमय हो जाएगा.....
    बहुत अच्छे

    आपका हिंदी ब्लॉग जगत में स्वागत है ......

    ReplyDelete
  7. मेरी सांसों में यही दहशत समाई रहती है
    मज़हब से कौमें बँटी तो वतन का क्या होगा।
    यूँ ही खिंचती रही दीवार ग़र दरम्यान दिल के
    तो सोचो हश्र क्या कल घर के आँगन का होगा।
    जिस जगह की बुनियाद बशर की लाश पर ठहरे
    वो कुछ भी हो लेकिन ख़ुदा का घर नहीं होगा।
    मज़हब के नाम पर कौ़में बनाने वालों सुन लो तुम
    काम कोई दूसरा इससे ज़हाँ में बदतर नहीं होगा।
    मज़हब के नाम पर दंगे, सियासत के हुक्म पे फितन
    यूँ ही चलते रहे तो सोचो, ज़रा अमन का क्या होगा।
    अहले-वतन शोलों के हाथों दामन न अपना दो
    दामन रेशमी है "दीपक" फिर दामन का क्या होगा।
    @कवि दीपक शर्मा
    http://www.kavideepaksharma.co.in
    इस सन्देश को भारत के जन मानस तक पहुँचाने मे सहयोग दे.ताकि इस स्वस्थ समाज की नींव रखी जा सके और आवाम चुनाव मे सोच कर मतदान करे.
    काव्यधारा टीम

    ReplyDelete
  8. सुन्दर विचार.....अछा लिखा है

    ReplyDelete
  9. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

    ReplyDelete
  10. all of you are a persons of god, because only the god loving personality can think holy thoughts tahnks alot

    ReplyDelete
  11. Anonymous2:35 pm

    papa itne sare logo ke comments padh ke acha lga. swati sharma

    ReplyDelete