Tuesday, 25 May 2010

आज अपनी प्रमोशन पर याद बड़े भाई की आई.

आज अपनी प्रमोशन पर याद बड़े भाई की आई










तुम नहीं रहे अब जहाँ में, इस का गम तो हमें सताएगा ,
ना समय अभी था जाने का, ना आभास कोई ऐसा दिया कभी था ।
ईश्वर को जरूरत थी आपकी, क्या इसी लिए दिया अनुजो को धोका , जो जीवन में रहेगा हम सब पर भारी,
चाहे कोई कुछ भी कहे, आप परिवार के विवेक पुंज थे,
अटल सत्य है यह बड़े भाई जी , नहीं भुला पायेगे आप को तुम्हारे तीनों छोटे भाई,
स्वर्ग से देते रहना मार्गदर्शन परिवार को , पहूँचना हम सब तक जीवन की अरुणाई ,
मिले अगर बाब, अमा, ताऊ और कही पपू भाई, उन को भी पहुंचना हम सब की श्रधा के फूल
ओ हमारे बड़े भाई जी,
अलविदा नहीं अभी कहुगा मैं, क्यूंकि मैं जब भी उल्झुगा जीवन पथ पर,
आप से ही तो मांगूंगा सदा जीने की राह नई ।
अनुज
अमृत कुमार शर्मा
दिनांक :- 25/05/2010
Police Training College
Daroh, Distt. Kangra H.P.