Tuesday, 18 August 2009

अमृत की कुछ कवितायें जो सरिता पाक्षिक में प्रकाशित हुई हैं.

जी चाहता है।



जख्म


साया



दामन



कोई मेरे दिल से पूछे






वक्त





दर्दे दिल





उपरोक्त कवितायें सरिता में प्रकाशित हुई हैं। जो अब आप की नजर है । कृपया अपनी प्रतिक्रिया अवश्ये प्रेषित करें।

निवदन:- अमृत कुमार शर्मा